67 वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 08/05/2022 को आयोग द्वारा की गई। इस परीक्षा पर पूरा बिहार उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन किसी ने यह ना सोचा कि बिहार की प्रशासनिक बुनियाद रखने वाला यह संवैधानिक आयोग छात्रों की मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का कारण बनेगी। आयोग ने आनन-फानन में खुद को पाक साफ दिखाने के लिए परीक्षा तो रद्द कर दी परंतु छात्रों के परिश्रम एवं आर्थिक हर्जाने की कीमत अदा ना कर पाई तथा ऐसी घटनाएं बिहार की प्रशासनिक छवि पर भी सवाल उठाती नजर आती है एवं लोगों का विश्वास तोड़ती प्रतीत होती है।
इसके साथ ही बिहार के परीक्षा तंत्र पर छात्रों के भविष्य को लेकर भी सवालिया निशान उठती प्रतीत हो रही है।।


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