हर एक बीती रात एक इतिहास बनती है बिलकुल ही सही कहावत है इसी की एक कड़ी के तौर पर हिंदी सिनेमा के सफ़र की इतिहास भी है मौका हिंदी सिनेमा के सौ साल पुरे होने का है बाते बहुत सारी कहने को है इसी उप्लक्ष में माइक्रो यूनिक कंप्यूटर सेंटर के प्रागन भी गवाह बनी सिनेमा के विषय में बाद - विदाद करने को लेकर प्रागन में इस अवसर पर I .A .S सहायक समर्हर्ता सह बेलहर बी ० डी ० ओ ० मिथेलेश मिश्रा ने ने संस्थान के छात्र - छात्राओ के बीच सिनेमा के सामाज पर पड़ने वाले प्रभाव के विषय में जानकारी दी ।
वही वरीय समार्हता ललित सिंह ने मदर इडिया, २ बीघा जमीन, जैसे फिल्मो का उदहारण देते हुए छात्रों को बताया हमारे वर्तमान समाज को ऐसे फिल्मो से सिख लेना चाहिये और यही विषेशता रही है हिंदी सिनेमा के। वही वरीय समार्हता प्रभात कुमार ने छात्रों को अपना सिनेमा से जुड़े किसी हीरो - हीरोईन को अपना आदर्श बनाने की सलाह दी ताकि आप भी उनके जीवन शैली को अपना कर अपना अलग मुकाम हासील कर सकते है इसके लिए उन्होंने थ्री इडियट्स जैसे सिनेमा को देखने और समझने का सलाह दी । वही बाँका में चल रहे सिनेमा हॉल के मालिक सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष अनिल सिंह ने सिनेमा के शुरआत के विषय में निर्माण से लेकर पर्दर्शन के विषय में भी अहम् जानकारी छात्रों को दी । श्री सिंह ने बताया सबसे पहले जब सिनेमा दिखाया जाता था तो परदे पर सिर्फ चित्र ही होते थे अलग से लोग बैठ कर लड़के और लड़कियों के आवाज में माइक पर बोलते थे । धुन के नाम पर अलग से ढोल तासा बजाय करते थे और आज सेटेलाईट के सहायता से फिल्मो का पर्दर्शन किया जाता है । वही संस्थान के निर्देशक राजिक राज ने सिनेमा के निर्माण में उपयूक्त उपकरणों के बदलाव एवं 3D सिनेमा , HD सिनेमा और डिजिटल सिनेमा पर के विषय में बताया ।
वही परितोष पारास ने सिनेमा को समाज का दर्पण बताया । वही उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शाय्यद अब्दुर नय्यर रहमान ने आधुनिक सिनेमा पर सवाल उठाया । इस परीचर्चा में प्रथम स्थान मीनाक्षी कुमारी, दूसरा स्थान नवीन मेहता एवं तीसरा स्थान दीपिका सिन्हा ने प्राप्त किया । इन सभी को श्री सिंह ने निशुल्क सिनेमा हॉल में सिनेमा का आनंद उठाने का अवसर दिया ।
इस अवसर को चित्रों के माध्यम से देखे ।
अपनी बाते कहते हुए नगर पंचायत उपाध्यक्ष बाँका श्री अनिल सिंह ।
मंच संचालन करते हुए MIcro Unike Computer Centre परितोष पारस ।
वही वरीय समार्हता ललित सिंह ने मदर इडिया, २ बीघा जमीन, जैसे फिल्मो का उदहारण देते हुए छात्रों को बताया हमारे वर्तमान समाज को ऐसे फिल्मो से सिख लेना चाहिये और यही विषेशता रही है हिंदी सिनेमा के। वही वरीय समार्हता प्रभात कुमार ने छात्रों को अपना सिनेमा से जुड़े किसी हीरो - हीरोईन को अपना आदर्श बनाने की सलाह दी ताकि आप भी उनके जीवन शैली को अपना कर अपना अलग मुकाम हासील कर सकते है इसके लिए उन्होंने थ्री इडियट्स जैसे सिनेमा को देखने और समझने का सलाह दी । वही बाँका में चल रहे सिनेमा हॉल के मालिक सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष अनिल सिंह ने सिनेमा के शुरआत के विषय में निर्माण से लेकर पर्दर्शन के विषय में भी अहम् जानकारी छात्रों को दी । श्री सिंह ने बताया सबसे पहले जब सिनेमा दिखाया जाता था तो परदे पर सिर्फ चित्र ही होते थे अलग से लोग बैठ कर लड़के और लड़कियों के आवाज में माइक पर बोलते थे । धुन के नाम पर अलग से ढोल तासा बजाय करते थे और आज सेटेलाईट के सहायता से फिल्मो का पर्दर्शन किया जाता है । वही संस्थान के निर्देशक राजिक राज ने सिनेमा के निर्माण में उपयूक्त उपकरणों के बदलाव एवं 3D सिनेमा , HD सिनेमा और डिजिटल सिनेमा पर के विषय में बताया ।
वही परितोष पारास ने सिनेमा को समाज का दर्पण बताया । वही उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शाय्यद अब्दुर नय्यर रहमान ने आधुनिक सिनेमा पर सवाल उठाया । इस परीचर्चा में प्रथम स्थान मीनाक्षी कुमारी, दूसरा स्थान नवीन मेहता एवं तीसरा स्थान दीपिका सिन्हा ने प्राप्त किया । इन सभी को श्री सिंह ने निशुल्क सिनेमा हॉल में सिनेमा का आनंद उठाने का अवसर दिया ।
इस अवसर को चित्रों के माध्यम से देखे ।
अपनी बाते कहते हुए नगर पंचायत उपाध्यक्ष बाँका श्री अनिल सिंह ।
अपनी बाते रखते हुए I . A . S मिथिलेश मिश्रा ।
मंच संचालन करते हुए MIcro Unike Computer Centre परितोष पारस ।
अपनी बाते रखते हुए MIcro Unike Computer Centre रोहित कश्यप ।
अपनी बाते रखते हुए वरीय समाहर्ता ललित सिंह ।
अपनी बाते रखते हुए वरीय समाहर्ता प्रभात कुमार ।
अपनी बाते रखते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शाय्यद अब्दुर नय्यर रहमान ।
उपस्थित छात्र - छात्रा एवं साथ में M U C C के निदेशक ।
उपस्थित मीडिया कर्मी प्रभात खबर के संजीव सिंह एवं अनिमेष ।
अपनी बाते रखते हुए M U C C के निर्देशक राजिक राज ।
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