दुराचार करने वालों को मौत से भी बड़ी सजा मिलनी चाहिए। जो दूसरे के जीवन को बर्बाद करने की हिम्मत करे उसके साथ भी कुछ ऐसा ही होना चाहिए जिससे उसके चेहरे पर कभी मुस्कान ना आवे। कुछ इस तरह की बातें सुनने को मिली प्रभात खबर की ओर से माइक्रो यूनिक कंप्यूटर संस्थान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में। बात निकली तो विमर्श भी खूब हुआ। देश में बढ़ते दुराचार की घटनाओं पर सबने एक सुर में विरोध जताया। किसी ने इसके लिए अशिक्षा को जिम्मेदार बताया तो किसी ने नैतिकता का दोष। बात निकलती है तो दूर तक उसकी गूंज जानी चाहिए। आयोजित कार्यक्रम में माइक्रो यूनिक के छात्रों ने अपनी बात जोर शोर से रखी। छात्र मनीष ने कहा की लोग कहते हैं की समाज में बढती इन घटनाओं में सिनेमा का बहुत बड़ा योगदान है लेकिन दक्षिण भारत में तो बहुत से सिनेमाघर हैं लेकिन वहां ऐसी घटनाएँ कम सुनने को मिलती है। रश्मि ने कहा की जो हो रहा है वह सही नहीं हो रहा है सबको मिलकर ऐसे चीजों से लड़ना होगा। रूबी का कहना था की समाज की सोच बदलनी होगी। अखिलेश ने तो दुराचारियों के लिए ऐसी सजा की मांग कर दी जिससे उनका रूह कांप जाए। चांदनी ने लड़कियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की बात कही। मौके पर उपस्थित माइक्रो यूनिक की गरिमा भारती ने कहा की कानून व्यवस्था को ठीक करना होगा। तो वहीं अधिवक्ता अर्चना वर्मा ने नैतिकता ख़त्म होने के कारण ही ऐसी घटनाएँ हो रही है। इस अवसर पर माइक्रो यूनिक के निदेशक राजिक राज ने दुराचारियों के लिए कठोर सजा की मांग की। कार्यक्रम में उपस्थित बांका के वरीय उपसमाहर्ता ललित सिंह ने कहा की शिक्षा में सुधार, सामाजिक व्यवस्था का सही क्रम और लिंगानुपात को बैलेंस करना होगा तभी कुछ उपाय संभव है। मौके पर प्रभात खबर के संजीव ने भी अपनी बात रखी। इस परिचर्चा का संचालन माइक्रो यूनिक के रोहित कश्यप ने किया।
| कार्यक्रम की शुरुआत करते रोहित |
| विमर्श का एक दृश्य |
| अपनी बात रखती छात्रा |
| अपनी बात रखती छात्रा |
| अपनी बात रखती छात्रा |
| अपनी बात रखती गरिमा भारती |
| अपनी बात रखते माइक्रो यूनिक के निदेशक राजिक राज |
| अपनी बात रखती छात्रा |
| अपनी बात रखती अधिवक्ता और माइक्रो यूनिक की छात्रा अर्चना वर्मा |
| अपनी बात रखते वरीय उपसमाहर्ता ललित कुमार सिंह |
No comments:
Post a Comment