गरीबी क्या होती है यह बाँका के नक्सल प्रभावित क्षेत्रो के लोगों से पूछिए |
आर्थिक तंगी और शिक्षा कि कारण यहाँ के ज्यादातर लोग आज भी बेरोजगार है | जाहिर सी
बात है जहाँ शिक्षा के दीप नहीं जलेंगे वहाँ के लोगों कि जिंदगी के लोगों के
जिंदगी से उजियारा भला कैसे फ़ैल सकता है | इलाके के युवाओ के इस दर्द को समझा
माइक्रो यूनिक कंप्यूटर सेण्टर के शिक्षक राजिक राज ने | सकडो गरीबो को रोजगार
दिला उनका स्तर सुधरने का संकल्प ले इन्होने सबसे पहले बेरोजगारों को तकनिकी ज्ञान
का ककहरा पढाया | धीरे-धीरे जब सिखने कि ललक जगी तब राजिक राज ने उन्हें कंप्यूटर
ज्ञान में पारंगत कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं | राजिक सर कि मेहनत और लगन के कारण
दो जून रोटी के लिए तरसने वाले युवा अब इज्जत से अच्छे खासे रुपए कम रहे है | इससे
उनकी आर्थिक स्थिति में सुधर आया है | सकडो युवाओं को सही रह दिखने व उन्हें
रोजगार दिलाने के कारण आज राजिक सर को पूरा इलाका सम्मान देता है | बता दे कि
राजिक राज माइक्रो यूनिक कंप्यूटर सेण्टर के निदेशक है | वो युवाओं को कंप्यूटर
शिक्षा देने के साथ-साथ रोजगार से जोड़ने के दुसरे उपाय करते रहते है | उनके
संस्थान में आयोजित होने वाला कौशल विकास व प्रशिक्षण कार्य शाला निश्शुल्क होता
है |
राजिक सर कैसे कर रहे है गरीबी उन्मूलन पर कार्य
राजिक राज नेहरु युवा केंद्र मेंटर यूथ क्लब के संचालक भी है | वे अपने कौशल
प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कर गरीबो व वंचितों को स्वरोजगार से जोड़ने का सफल
प्रयास कर चुके है | इसके अलावा वह शिक्षा, स्वस्थ, आदि मुलभुत सुविधाओं के लिए
लोगो को जागरूक करते रहे है |
इनकी ज़िन्दगी में आई हरियाली
आर्थिक तंगी से जूझ रहे नीलकमल, गौतम कुमार, प्रभाष रंजन, सन्नी कुमार, अमित
झा सहित सैकड़ो ऐसे युवा है जिन्हें राजिक राज ने तकनिकी शिक्षा देकर रोजगार से
जोड़ा | वे गरीब छात्रों पर ज्यादा ध्यान देते है | इनसे शिक्षा लेकर नीलकमल गौतम
आज सरकारी नौकरी कर रहे है | इसके आलावा भी कई ऐसे नाम है जो राजिक सर कि वजह से
आज अपने पैरों पर खाड़ी है |
कहाँ कहाँ है परिक्षण शिविर आयोजित
राजिक सर ने जयपुर, पंजवारा, फुल्लीडूमर, सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में
परिक्षण शिविर आयोजित किया है | वह बीपीएससी कि भी निशुल्क तैयारी करते है |
दर्जनो युवा इसका लाभ उठा रहे है |
No comments:
Post a Comment